ग्वालियर

हर पहलू की जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों को भी गंभीरता से लिया गया है। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच के बाद ही असली कारण स्पष्ट होगा।
पुलिस जांच में सामने आया है कि डॉक्टर रेखा की दोस्ती कार्डियोलॉजी में डीएम कर रहे एक डॉक्टर से थी, जो समय के साथ गहरी हो गई थी। हाल ही में दोनों की सगाई अलग-अलग जगह तय हो गई थी। बताया जा रहा है कि रेखा इसके चलते तनाव में थी, जबकि उनका दोस्त आगे बढ़ चुका था। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।
शनिवार रात खाना खाने के बाद डॉक्टर रेखा अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थीं। जब उनकी सहपाठी देर रात कमरे में पहुंची, तो उन्हें रोशनदान के जाल पर फंदे से लटका पाया। तत्काल उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आर.के.एस. धाकड़ और पुलिस मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम की जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस ने डॉक्टर रेखा का मोबाइल जब्त कर लिया है और उसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, फोटो गैलरी और चैटिंग एप्स की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि मौत के पीछे की असली वजह सामने आ सके।
परिजनों के मुताबिक, मौत से एक दिन पहले रेखा की घर पर बात हुई थी और वह पूरी तरह सामान्य लग रही थीं। उनके भाई रोहित रघुवंशी का कहना है,"रेखा हमेशा से बहादुर थी। वह कभी आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती। यह पूरी तरह से संदिग्ध मामला है।"
जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने मामले की जांच के लिए एक आंतरिक समिति बनाई है, जिसमें वरिष्ठ डॉक्टर और हॉस्टल प्रशासन के सदस्य शामिल हैं। पुलिस जांच और मेडिकल कॉलेज की समिति की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह आत्महत्या थी या हत्या।