ग्वालियर

अशोक नगर के ग्राम मढ़ना खिरिया निवासी भानू सिंह रघुवंशी की 31 वर्षीय बेटी डॉ.रेखा ने जनवरी 2024 में जीआरएमसी के डीएम न्यूरोलॉजी में प्रवेश लिया था। वह यमुना गर्ल्स हॉस्टल के कमरा नंबर 218 में रहती थी। शनिवार को देर रात डॉ. रेखा रघुवंशी ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपने कमरे में मौत हो गई। कंपू थाने के इंचार्ज रुद्र पाठक ने बताया कि शव को न्यू जेएएच के पोस्टमार्टम भवन में रखवा दिया है। सिर्फ वही नकारात्मक खबर, जो आपको जानना जरूरी है... डॉ. रेखा रघुवंशी के पिता किसान हैं और मां गृहिणी तथा बड़ा भाई प्राइवेट जॉॅब करता है। परिजन को बड़ी उम्मीद थी कि रेखा डॉक्टर बनकर उनका नाम रोशन करेगी। रेखा के निधन से उनका सपना टूट गया। बेटी का शव देखकर पिता रोने लगा।
डॉ. रेखा रघुवंशी अपने काम को लेकर बहुत सिंसियर थी। शनिवार को डॉ.निदिता की रात 8 बजे ड्यूटी थी। इसके बाद डॉ. रेखा की ड्यूटी थी। जब वह उसकी रात 9 बजे से ड्यूटी थी,तो उसने फोन लगाया लेकिन फोन बंद था। काफी देर इंतजार करने के बाद वह हॉस्टल गई तो पता चला कि उसने फांसी लगा ली है।
विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश उदैनिया का कहना है कि दोपहर में विभाग में विदाई समारोह हुआ जिसमें डॉ. रेखा मौजूद थी और खुश नजर आ रही थी। ऐसा लगाई ही नहीं कि वह आत्महत्या कर सकती है। डीन ने बनाई जांच कमेटी : डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने बताया कि यह मामला गंभीर है। इसे देखते हुए वह कॉलेज स्तर पर भी जांच करा रहे हैं। इस जांच कमेटी के हेड डीन स्वयं रहेंगे। उनके साथ ही कमेटी में वार्डन, चीफ वार्डन, न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी तथा जेएएच अधीक्षक को शामिल किया गया है।